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Sunday, April 26, 2020

कक्षा 9 जीवन की इकाई कोशिका

जीवन की मौलिक इकाई
कोशिका : शरीर की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई को कोशिका कहते हैं | ...
कोशिका एक संरचनात्मक इकाई है : ...
कोशिका एक क्रियात्मक इकाई है : ...

कोशिका सिद्धांत : सभी पौधे तथा जंतु कोशिकाओं से बने हैं और वे जीवन की मुलभूत इकाई है | सभी कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं
|
कोशिका का सबसे पहले पता रॉबर्ट हुक ने 1665 में लगाया था। उसने कोशिका को कार्क की पतली काट में अनगढ़ सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा।

ल्यूवेनहक (1674) ने सबसे पहले उन्नत सूक्ष्मदर्शी से तालाब के जल में स्वतंत्र रूप से जीवित कोशिकाओं का पता लगाया।
रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में कोशिका में कद्रक का पता लगाया।
जे.ई. पुरकिंजे ने 1839 में कोशिका में स्थित तरल जैविक पदार्थ को जीवद्रव्य का नाम दिया।

दो जीव वैज्ञानिक- एम. श्लाइडेन (1838) तथा टी.स्वान (1839) ने कोशिका सिद्धांत के विषय में बताया।
इस सिद्धांत के अनुसार, सभी पौधे तथा जन्तु कोशिकाओं से बने हैं और वे जीवन की मूलभूत इकाई हैं।

रूडोल्फ विरको (1855) ने कोशिका सिद्धांत को और आगे बढ़ाया। उन्होंने बताया कि सभी कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं।


 1940 में इलेक्ट्रॉन सूक्ष् तोमदर्शी की खोज के बाद कोशिका की जटिल संरचना तथा बहुत से अंगकों को समझना संभव हो सका।

प्रोकैरियोटिक कोशिका यूकैरियोटिक कोशिका
1 इनमें प्रारंभी अविकसित केंद्रक होता है | इनमें पूर्ण विकसित केंद्रक होता है |

2 यह आदिम कोशिकाएं हैं | ये सुविकसित कोशिकाएँ है |

3 कोशिका द्रव्य पूर्ण कोशिका में फैला रहता है | कोशिका एवं कोशिका कला के बीच सीमित रहता है |

4 केंद्रक कला तथा केंद्रिका अनुपस्थित होती है | केंद्रक कला तथा केंद्रिका उपस्थित होती है |

5 डीएनए हिस्टोन प्रोटीन रहित होता है | डीएनए हिस्टोन प्रोटीन जुड़ी होती है |

6 गॉल्जी तंत्र, अन्त: प्रद्रव्यी जालिका, लवक तथा माइट्रोकांड्रिया अनुपस्थित होते हैं | गॉल्जी तंत्र, अन्त: प्रद्रव्यी जालिका, लवक तथा माइट्रोकांड्रिया उपस्थित होते हैं |(लवक केवल पादप कोशिका में) |

7 श्वसन तंत्र जीवद्रव्य कला में उपस्थित होता है | श्वसन तंत्र माइट्रोकांड्रिया में उपस्थित होता है |

8 प्रकाश संश्लेषण क्रोमेटोफोर में होता है | प्रकाश-संश्लेषण पादप कोशिका के हाता
में होता है |

9 राइबोसोम 70 S प्रकार के होते हैं | राइबोसोम 70 S तथा 80 S प्रकार के होते हैं |

10 कशाभिका में सूक्ष्म तंतुओं की (9+2) व्यवस्था नहीं होती है | कशाभिका में सूक्ष्म तंतुओं की (9+2) व्यवस्था होती है |

11 रिक्तिका अनुपस्थित होती है | रिक्तिका उपस्थित होती है |

12 लयनकाय का लाइसोसोम अनुपस्थित होते हैं | जन्तु कोशिका में उपस्थित होते है |

13 सूत्री कोशिका विभाजन नहीं होता है | सूत्री कोशिका विभाजन होता है |

कोशिका के विभिन्न महत्व पूर्ण अंग

पादप कोशिका में लवकतीन प्रकार के होते है
हरित लवक,वर्णी लवक,अवर्णी लवक chloroplasy,chromo plast,leucoplast

 राइबोसोम में प्रोटीन का संश्लेषण होता है

केन्द्रक कोशिका में इन्जीनियर की भांति काम करता है

Endoplasmic reticulum

यह परिपक्व RBC को छोड़कर सभी यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाया जाता है।
मोटा एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम हेपेटोसाइट्स जैसे कोशिकाओं में विशेष रूप से प्रमुख होता है। चिकनी एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम में लिपिड निर्माण और चयापचय, स्टेरॉयड हार्मोन का उत्पादन, और डिटॉक्सिफिकेशन में रिबोसोम और कार्य शामिल हैं।
 चिकनी ईआर स्तनधारी यकृत और गोनाड कोशिकाओं में विशेष रूप से प्रचुर मात्रा में है।

अन्तः प्रद्रव्यी जालिका ( Endoplasmic reticulum ) की खोज k. R. Porter  ने की थी |

अन्तः प्रद्रव्यी जालिका ( Endoplasmic reticulum ) केन्द्रक कला से कोशिका कला तक फैली रहती हैं तथा केन्द्रक कला से अन्तः प्रद्रव्यी जालिका का निर्माण होता हैं |अन्तः प्रद्रव्यी जालिका कोशिका द्रव्य  तथा केन्द्रक द्रव्य के बीच सम्बन्ध स्थापित करता हैं | अन्तः प्रद्रव्यी जालिका विभाजन करने वाली कोशिकाओं में ज्यादा अल्पविकसित होती हैं जबकि लिवर सेल , पेन्क्रिआज में अधिक विकसित होती हैं |

अन्तः प्रद्रव्यी जालिका के कार्य
अन्तः प्रद्रव्यी जालिका को  अन्तः कंकाल भी कहते हैं क्योंकि अन्तः प्रद्रव्यी जालिका कोशिका के अंदर यांत्रिक शक्ति प्रदान करता हैं |
कणिकामय अन्तः प्रद्रव्यी जालिका ( RER / GER ) प्रोटीन संश्लेषण की क्रिया में भाग लेते हैं |
अन्तः प्रद्रव्यी जालिका पदार्थों के प्रवेश करने तथा बाहर निकलने की क्रिया पर नियंत्रण रखता हैं |
अन्तः प्रद्रव्यी जालिका केन्द्रक आवरण का निर्माण करता हैं |
सपात अन्तः प्रद्रव्यी जालिका ( SER ) ग्लाइकोजन का निर्माण व संग्रह करता हैं |


माइटोकॉन्ड्रिया के कार्य (Functions of mitochondria)
इसमें एटीपी का संश्लेषण (ATP production), एटीपी का भंडारण (ATP storage) और परिवहन (transport) होता है। ये तीनों कार्य माइटोकॉन्ड्रिया में होने के कारण इसको कोशिका का शक्ति गृह (Power house of the cellइ)सको कोलीकर (kolliker) द्वारा पहली बार कीटों की रेखित मांसपेशियों (striated muscles) में देखा गया।


 Mitochondriaशब्द सी. बेंडा (Benda) द्वारा दिया गया था।

फ्लेमिंग Fleming ने माइटोकॉन्ड्रिया  के बारे में filla तथा ऑल्टमैन (Altman) ने विस्तृत जानकारी दी
माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना (Structure of Mitochondria)
आमतौर पर यह सॉसेज के आकार का या बेलनाकार, तंतुमय या छड़जैसा होता है

इसका व्यास 0.2-1.0µm और लंबाई 1.0-4.1µm होती है।
माइटोकॉन्ड्रिया एक दोहरी झिल्ली आबंध संरचना है
माइटोकॉन्ड्रिया में 70S राइबोसोम होता है

गॉल्जीकाय ( Golgi body )
जीवित कोशिकाओं में थैलिनुमा संरचनाएं जो समूहों में पायी जाती हैं तथा अन्तः प्रद्रव्यी जालिका ( Endoplasmic reticulum ) से चिपकी ( संलग्न ) होती हैं जिनमें द्रव भरा होता हैं ,गॉल्जी काय ( Golgi body ) कहलाती हैं |
सर्वप्रथम ( 1898 ) कैमिलो गॉल्जी ने गॉल्जी काय की खोज की |

राइबोसोम की खोज ( 1955 ) में पैलाडे ( Palade )  ने जंतु कोशिकाओं में की थी| पैलाडे ने राइबोसोम नाम दिया | पादप कोशिकाओं में रोबिन्सन तथा ब्रॉउन ने 1953 में राइबोसोम की खोज की|
राइबोसोम के प्रकार
राइबोसोम दो प्रकार के होते हैं

70 ‘S’ राइबोसोम
70 ‘S’ राइबोसोम माइटोकॉन्ड्रिया , क्लोरोप्लास्ट , बैक्टीरिया में पायी जाने वाली एवं सूक्ष्म आकार वाली कण हैं |

    2. 80 ‘S’ राइबोसोम
80 ‘S’ राइबोसोम उच्च विकसित पौधौं एवं जन्तु कोशिकाओं में पाये जाते हैं , तथा आकार में बड़े होते हैं |

 राइबोसोम के कार्य
राइबोसोम अमीनों अम्ल से प्रोटीन संश्लेषण करने में सहायक होते हैं |अतः इन्हें कोशिका का की प्रोटीन फैक्ट्री कहा जाता हैं |
राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण के समय प्लेटफॉर्म या टेम्पलेट का कार्य करते हैं |
राइबोसोम प्रोटीन निर्माण के समय m -RNA के अणु को संरक्षित रखता हैं |

तारक काय ( Centrosome )
तारक काय ( Centrosome ) गोलाकार , छोटे , अनियमित आकार के छड़ नुमा तथा एन्जाइम्स युक्त कण होते हैं जो संख्या में एक होते हैं , जो केन्द्रक के पास बाहरी सतह पर , मध्य में होते हैं |

तारक काय के कार्य
कोशिका विभाजन के समय तारक काय ( Centrosome )  स्पिन्डिल फाइबर बनाते हैं |
तारक काय ( Centrosome ) पक्षमों एवं कशाभिकाओं का निर्माण करते हैं |
तारक काय ( Centrosome ) शुक्राणुओं के अक्षीय तंतु का निर्माण करते हैं |

डी एन ए की खोज वाटसन और क्रिक ने की
एक डी एन से दूसरे डी एन ए का निर्माण पालीमरेज एन्जाइम द्वारा होता है

आर एन ए की खोज सेवेरो ओकोआ,राॅबर्ट हाॅली,और कार्ल वोसे ने की

DNA-डी आक्सी राइबोन्यूक्लिक एसिड़
(i) DNA आनुवांशिक पदार्थ है ।

DNA-प्राय: यह केन्द्रक में गुणसूत्रों में पाया जाता है । यह अल्प मात्रा में कोशिका द्रव्य माइटकोन्ड्रीया व क्लोरोप्लास्ट में भी पाया जाता है ।

 इनकी कुन्ड़ली में कुण्डलन व क्षार यूग्मन कहीं-कहीं पर होता है, शेष लड़ी अकुण्डलित रहती है ।

प्रमुख नाइट्रोजनी क्षारें तथा पायी जाती है ।

A का युग्मन U से व G का C से होता है । A व U के मध्य द्विबंध तथा G व C के मध्य त्रिबंध पाया जाता है ।

पुन: प्राकृतिकरण (Renaturation) की क्रिया पूर्ण व तीव्र गति से सम्पन्न होती है ।

RNA-राइबोन्यूक्लिक अम्ल
(i) RNA केवल कुछ विषाणुओं में ही आनुवांशिक पदार्थ का कार्य करता है । प्राय: यह प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करता है ।

RNA-:प्राय  यह केन्द्रिका, राइबोसोम व कोशिका द्रव्य में मुक्त रूप से पाया जाता है । केन्द्रक द्रव्य व गुणसूत्रों में भी इसकी अल्प मात्रा मिलती है ।


 RNA में न्यूक्लिओटाइड्‌स की संख्या बहुत कम (लगभग 12,000 तक) होती है ।

RNA में पेन्टोज शर्करा पाई जाती है ।

RNA के एक अणु में पिरामिडीन्स व प्यूरीन्स की मात्रा बराबर नहीं होती है ।

कोशिकीय RNA अणु एक लडीय होता है । कुछ विषाणुओं में द्विलडीय भी पाया जाता है । जैसे रियोवाइरस ।

RNA की एकलड़ी स्वयं पर ही वलित हो कुण्डलित संरचना बनाती है ।

 RNA प्राय: DNA में कोडित सूचनाओं का अनुवाद प्रोटीन संश्लेषण के रूप में के माध्यम से करता है ।

RNA में पुनरावृत्ति व अनुलेखन की क्रियाएं नहीं होती । कुछ विषाणुओं में RNA अणु से RNA व व्युतक्रम अनुलेखन द्वारा DNA बनते हैं ।


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