भूमि,उर्जा,जल बचाओ

भूमि,उर्जा,जल बचाओ
हम और हमारा वातावरण

Wednesday, June 30, 2021

Class 7 Science Chapter 1 मानव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी

 












प्रश्न 1.


निम्नलिखित प्रश्न में सही विकल्प छाँटकर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए
(क) ………….. द्वारा मस्तिष्क की जाँच होती है।
(अ) एक्स-रे
(ब) स्कैनर (✓)
(स) अल्ट्रासाउण्ड
(द) इनमें से कोई नहीं

(ख) दैनिक जीवन में उपयोगी है।
(अ) केवल विज्ञान
(ब) केवल प्रौद्योगिकी
(स) विज्ञान और प्रौद्योगिकी (✓)
(द) इनमें से कोई नहीं

(ग) टेलीफोन लाइन की सहायता से जुड़ा नेटवर्क कहलाता है-
(अ) स्मार्ट फोन
(ब) इंटरनेट (✓)
(स) कम्प्यूटर
(द) कोई नहीं।

(घ) मृदा प्रदूषण से कम होती है-
(अ) उर्वरा शक्ति (✓)
(ब) मृदा
(स) खनिज
(द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) इन्डोस्कोप द्वारा शरीर के अन्दर के भागों की जाँच होती है।
(ख) मोबाइल, कम्प्यूटर और वीडियोगेम मनोरंजन के साधन हैं।
(ग) ढेकुली, रहट कृषि के पारम्परिक साधन हैं।
(घ) कृषि उपज में आशातीत वृद्धि को हरित क्रान्ति कहते हैं।
(ङ) विज्ञान के नियमों एवं सिद्धान्तों का अनुप्रयोग प्रौद्योगिकी कहलाता है।

प्रश्न 3.
स्तम्भ (क) में दिए गए वाक्यों को स्तम्भ (ख) के वाक्यों से मिलान कीजिए।
UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 1 मानव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी 3

प्रश्न 4.
प्रौद्योगिकी का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
विज्ञान के नियमों एवं सिद्धान्तों के अनुप्रयोग से मानव हित संसाधनों का निर्माण ही प्रौद्योगिकी कहलाता है।

प्रश्न 5.
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर-
पेट्रोल और डीजल की खोज के बाद पेट्रोल एवं डीजल के इंजन का आविष्कार हुआ, जिसका दैनिक जीवन में उपयोग कार, बस, ट्रैक्टर, स्कूटर आदि चलाने में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त विद्युत् का आविष्कार हुआ, जिसका उपयोग रेल इंजन, इलेक्ट्रॉनिक (विद्युत्) उपकरणों आदि में किया जा रहा है।
इस प्रकार विज्ञान के आविष्कार से नई प्रौद्योगिकी विकसित होती है तथा प्रौद्योगिकी के उपयोग से नए वैज्ञानिक खोज एवं आविष्कार होते हैं। अतः स्पष्ट है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में घनिष्ठ सम्बन्ध है।

प्रश्न 6.
हरित क्रान्ति क्या है ?
उत्तर-
कृषि उपज में आशातीत वृद्धि को ही हरित क्रान्ति कहते हैं।

प्रश्न 7.
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का क्या योगदान है?
उत्तर-
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे देश में पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल जैसी मिसाइलों का निर्माण और सफल प्रक्षेपण हो चुका है। इनके प्रयोग से शत्रु देशों के युद्ध अस्त्रों को नष्ट किया जाता है।

प्रश्न 8.
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में होने वाली हानियों को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर-
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास से मनुष्य को केवल लाभ ही नहीं मिला है वरन इससे अनेक प्रकार की हानियाँ भी हुई हैं। बड़े-बड़े उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्टों को नदियों में अथवा भूमि पर विसर्जित कर दिया जाता है, जिसके कारण नदी का जल तथा भूमि प्रदूषित हो रही है। कृषि में उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मृदा प्रदूषण हो रहा है। स्वचालित मशीनों का प्रयोग बढ़ने से बेरोजगारी बढ़ रही है। जंगलों की अंधाधुंध कटाई के कारण वातावरण प्रदूषित हो रहा है और अनेक वन्य प्राणियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

प्रश्न 9.
इंटरनेट क्या है ?
उत्तर-
इन्टरनेट कंप्यूटर की नवीनतम प्रणाली है। विश्व के हजारों छोटे-छोटे कम्प्यूटर नेटवर्क टेलीफोन लाइन से जोड़ दिए जाते हैं। टेलीफोन लाइन की सहायता से जुड़े कम्प्यूटर नेटवर्क को इन्टरनेट कहते हैं। इसकी सहायता से हम घर बैठे विभिन्न प्रकार की, विभिन्न विषयों से जुड़ी सूचनाएँ पलभर में प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 10.
परिवहन के चार साधनों के नाम लिखिए?
उत्तर-
रेलगाड़ी, जलयान, हवाईजहाज, कार

Tuesday, June 29, 2021

पाठ 19 ,जल ,कक्षा 7,विज्ञान,पाठ समीक्षा

 





प्रश्न 1.

सही विकल्प चुनकर अभ्यास पुस्तिका में लिखिए:
(क) जल का घनत्व किस ताप पर अधिकतम होता है-
(अ) 0°C
(ब) 4°C (✓)
(स) -4°C
(द) 100°C

(ख) इनमें से कौन जल के साथ तेजी से क्रिया करता है-
(अ) सोडियम (✓)
(ब) कैल्सियम
(स) मैगनीशियम
(स) लोहा

(ग) जल की स्थाई कठोरता किसके कारण होती है-
(अ) कैल्सियम बाई कार्बोनेट
(ब) मैगनीशियम बाई कार्बोनेट
(स) कैल्सियम या मैगनीशियम के सल्फेट और क्लोराइड (✓)
(द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) जंग लोहे का संक्षारण है।
(ख) जल में हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन का अनुपात 2 : 1 है।
(ग) जल एक प्रमुख विलायक है।
(घ) अस्थाई कठोरता कैल्सियम बाईकार्बोनेट और मैग्नीशियम बाई कार्बोनेट की उपस्थिति के कारण होती है।
(ङ) जल की स्थाई कठोरता धावन सोडा के द्वारा दूर किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
सही कथन के आगे सही (✓) तथा गलत कथन के आगे क्रास (✗) का चिन्ह लगाइए-
(क) कठोर जल को पीने के लिए उपयोग में लाना चाहिए। (✗)

(ख) अधिकांश ठोस पदार्थ की विलेयता ताप बढ़ाने पर बढ़ती है। (✓)
(ग) जल का क्वथनांक पानी की शुद्धता का परीक्षण करने में उपयोगी है। (✓)
(घ) समुद्री जल में अधिक मात्रा में नमक घुला होता है। (✓)
(ङ) वाष्पन की प्रक्रिया क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करती। (✗)

प्रश्न 4.
जल की कठोरता का क्या कारण है ? स्थाई कठोरता कैसे दूर करेंगे ?
उत्तर-
जल की कठोरता कैल्सियम एवं मैगनीशियम के घुलित लवण जैसे–कैल्सियम बाईकार्बोनेट, मैगनीशियम बाईकार्बोनेट, कैल्सियम क्लोराइड, मैगनीशियम क्लोराइड, कैल्सियम सल्फेट, मैगनीशियम सल्फेट आदि के कारण होती है।
जल की स्थायी कठोरता दूर करने का तरीका सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3) की एक निश्चित मात्रा स्थायी कठोरता वाले जल में डालकर उबाल लेते हैं। जल में उपस्थित घुले हुए लवण CaCl2, MgCl2 आदि सोडियम कार्बोनेट से क्रिया करके अविलेय लवण बनाते हैं, जिन्हें छानकर अलग कर लिया जाता है। इस प्रकार प्राप्त जल साबुन के साथ झाग देता है। यानी जल की स्थायी कठोरता दूर हो जाती है।




प्रश्न 6.
जल संरक्षण से होने वाले लाभ लिखिए ?
उत्तर-
जल संरक्षण का अर्थ है पानी की बचत करना। जल संरक्षण के दूरगामी लाभ हैं। यदि हम अपने दैनिक जीवन में प्रतिदिन खर्च होने वाले जल का 10 प्रतिशत जल भी बचाएँ तो आनेवाली पीढ़ी के लिए काफी राहत हो जाएगी। इससे एक लाभ यह भी होगा कि जल की कमी होने पर हम बचे हुए जल का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही ऐसे लोगों को भी जल प्राप्त हो सकेगा जो जल संकट का सामना कर रहे हैं।

प्रश्न 7.
तालाब, नाली तथा शहरों के अपशिष्ट प्रदूषित जल के प्रदूषण कम करने तथा शुद्ध करने के उपाय का वर्णन कीजिए?
उत्तर-
तालाब, नाली तथा शहरों के अपशिष्ट प्रदूषित जल के प्रदूषण कम करने तथा शुद्ध करने के उपाय-
औद्योगिक अपशिष्ट तथा शहरों के मल व्ययन के जल को नदियों अथवा समुद्रों में प्रवाहित करने से पहले सीवेज ट्रीटमेंट संयत्र द्वारा उपचारित किया जाता है। सबसे पहले जल-मल को एक घर्षण अभिक्रिया से गुजारते हैं। तत्पश्चात् इसे अनेक अवसाद हौजों (कक्ष) से गुजारते हुए चूने की सहायता से उदासीन किया जाता है। इस चरण तक का प्रक्रम प्राथमिक उपचार कहलाता है। जल में अभी भी रोगाणु, अन्य सूक्ष्मजीव एवं जैविक वज्र्य पदार्थ काफी मात्रा में विद्यमान होती हैं। अतः उदासीनीकरण से प्राप्त बहिःस्राव को उच्च स्तरीय अवायवी बहाव आवरण में भेजा जाता है। यह एक प्रतिक्रम (रियेक्टर) है।

इसमें अवायवी जीवाणु जल में उपस्थित जैव निम्नीकरणीय पदार्थों का अपघटन करते हैं। इस अभिक्रिया में दुर्गन्ध समाप्त हो जाती है तथा मेथेन (CH4) बाहर निकलती है। जिसको सार्थक उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार 85 प्रतिशत तक प्रदूषक हट जाते हैं। यहाँ से जल को वायु मिश्रण टैंकों में भेजा जाता है जहाँ इस जल में वायु तथा जीवाणु मिश्रित किये जाते हैं। जीवाणु जैववर्त्य का अपमार्जन करते हैं। यह जैव उपचार द्वितीयक उपचार कहलाता है। इसके उपरान्त भी जल पीने योग्य नहीं होता। हानिकारक सूक्ष्म जीवों को हटाना आवश्यक है। इसलिए रोगाणुनाशन एक अन्तिम चरण (तृतीय उपचार) प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में जल में घुले अजैविक पदार्थों व जीवाणुओं को पूर्णतः मुक्त किया जाता है। इसके लिए क्लोरीनीकरण, वाष्पीकरण, विनिमय अवशोषण, तलछटीकरण, बालू छन्नक जैसी विधियाँ प्रयोग में लाई जाती हैं। इस प्रकार शहरों के अपशिष्ट जल का शोधन करके कृषि कार्य व अन्य उपयोग में किया जाता है।


 कमेन्ट मेंं बताएं आप सुधार के लिए और क्या चाहते हैं

कक्षा 10 पाठ 8 जीव जनन कैसे करते हैं विज्ञान

 Chapter 8 How do Organisms Reproduce (जीव जनन कैसे करते है)














जीव जनन कैसे करते हैं 

एक कोशिकिय जीवों में जनन की अलैंगिक विधियॉ ही कार्य करती है। जिनमें एक ही जनन कोशिका अन्य संतति कोशिकाओं में विभाजित हो जाती है। एक कोशिकिय जीवों में केवल एक जनक की आवश्यकता होती है। बहु कोशिकिय जीवों में प्रायः लैंगिक जनन होता है।

 प्रश्न 1.

अलैंगिक जनन मुकुलन द्वारा होता है।

(a) अमीबा

(b) यीस्ट

(C) प्लैज्मोडियम

(d) लेस्मानिया

उत्तर

(b) यीस्ट।


प्रश्न 2.

निम्न में से कौन मानव में मादा जनन तंत्र का भाग नहीं है?

(a) अंडाशय

(b) गर्भाशय

(C) शुक्रवाहिका

(d) डिबवाहिनी

उत्तर

(a) शुक्रवाहिका।



 

प्रश्न 3.

परागकोश में होते हैं

(a) बाह्यदल

(b) अंडाशय

(C) अंडप

(d) परागकण

उत्तर

(d) परागकण। 


 -पोधो मेंजनन 

उत्तर-अंडाशय में बीजांड़ होते हैं तथा बीजाड़  में एक अंड-कोशिका होती है। परागकण द्वारा उत्पादित नर युग्मक अंडाशय की अंडकोशिका (मादा युग्मक) से संलयित हो जाता है। जनन कोशिकाओं के इस युग्मन अथवा निषेचन से युग्मनज बनता है जिसमें नए पौधे में विकसित होने की क्षमता होती है।





प्रश्न 1.
डी०एन०ए० प्रतिकृति का प्रजनन में क्या महत्त्व है?
उत्तर
DNA के अणुओं में आनुवंशिक गुणों का संदेश होता है, जो जनक से संतति पीढ़ी में जाता है। यह पीढ़ी-दर-पीढी अभिलक्षण हस्तान्तरित करने में सहायता करता है। साथ ही DNA प्रतिकृति में विभिन्नताएँ पाई जाती हैं, जो लंबे | समय तक किसी स्पीशीज़ (species) के उत्तरजीविता के लिए आवश्यक होता है।।

प्रश्न 2.
जीवों में विभिन्नता स्पीशीज़ के लिए तो आवश्यक है, परंतु व्यष्टि के लिए आवश्यक नहीं है, क्यों?
उत्तर
विभिन्नताएँ स्पीशीज़ की उत्तरजीविता बनाए रखने में उपयोगी होता है, क्योंकि यदि किसी समष्टि के जीवों में कुछ विभिन्नता होगी, तभी अचानक कुछ उग्र परिवर्तन आने पर जीवित रह पाएँगे अन्यथा समष्टि का समूल विनाश संभव है; जैसेवैश्विक उष्मीकरण (Global warming) के कारण शीतोष्ण जल के जीवाणुओं की समष्टि में से अधिकतर जीवाणु व्यष्टि मर जाएँगे, परंतु उष्ण प्रतिरोधी क्षमता वाले कुछ परिवर्तन जीवित रहेंगे।


प्रश्न 1.
द्विखंडन बहुखंडन से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर


प्रश्न 2.
बीजाणु द्वारा जनन से जीव किस प्रकार लाभान्वित होता है?
उत्तर
बीजाणु के चारों ओर एक मोटी भित्ति होती है, जो प्रतिकूल परिस्थितियों में उसकी रक्षा करती है, नम सतह के संपर्क में आने पर वह वृद्धि करने लगता है। ये हल्के तथा गोल होते हैं, जिसके कारण आसानी से वातावरण में फैल जाते हैं।

प्रश्न 3.
क्या आप कुछ कारण सोच सकते हैं, जिससे पता चलती हो कि जटिल संरचना वाले जीव पुनरुद्भवन द्वारा नयी संतति उत्पन्न नहीं कर सकते?
उत्तर
जटिल संरचना वाले जीवों में विशिष्ट कार्य करने के लिए एक खास अंग एवं अंगतंत्र होते हैं, इसलिए ऐसे जीवों के किसी भाग को काट कर नया जीव उत्पन्न नहीं किया जा सकता है। पुनरुद्भवन विशिष्ट कोशिकाओं द्वारा संपादित होती है। इन कोशिकाओं के क्रमप्रसरण से अनेक कोशिकाएँ बन जाती हैं। इस प्रकार का जनन केवल उन्हीं जीवों
में संभव है जिनमें विशिष्ट कार्य के लिए अंग नहीं पाए जाते हैं।

प्रश्न 4.
कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर
कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन के उपयोग निम्नलिखित कारणों से किए जाते हैं

कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाए गए पौधों में बीज द्वारा उगाए गए पौधों की अपेक्षा पुष्प एवं फल कम समय में लगते हैं।
यह पद्धति उन पौधों के उगाने के लिए उपयुक्त है, जो बीज उत्पन्न करने की क्षमता खो चुके हैं; जैसे- गुलाब, चमेली, संतरा एवं केला।

 
कायिक प्रवर्धन द्वारा उत्पन्न सभी पौधे आनुवंशिक रूप से जनक पौधे के समान होते हैं।
प्रश्न 5.
डी०एन०ए० की प्रतिकृति बनाना जनक के लिए आवश्यक क्यों है?
उत्तर
डी०एन०ए० की प्रतिकृति बनाना जनक के लिए इसलिए आवश्यक है, क्योंकि इससे संतति कोशिकाएँ समान होते हुए भी किसी न किसी रूप में एक दूसरे से भिन्न होती हैं। यही विभिन्नताएँ जैव-विकास का आधार हैं। इस प्रक्रिया में जनन कोशिका में डी०एन०ए० की दो प्रतिकृतियाँ बनती हैं और इसके साथ-साथ दूसरी कोशिकीय संरचनाओं का सृजन भी होता रहता है तथा इसके बाद डी०एन०ए० की प्रतिकृतियाँ विलग हो जाती हैं।



प्रश्न 1.
परागण क्रिया निषेचन से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर


प्रश्न 2.
शुक्राशय एवं प्रोस्टेट ग्रंथि की क्या भूमिका है?
उत्तर
प्रोस्ट्रेट तथा शुक्राणु अपने स्राव शुक्रवाहिका में डालते हैं, जिससे शुक्राणु एक तरल माध्यम में आ जाते हैं। इसके कारण इनका स्थानांतरण सरलता से होता है, साथ ही यह स्राव उन्हें पोषण भी प्रदान करता है।

प्रश्न 3.
यौवनारंभ के समय लड़कियों में कौन-से परिवर्तन दिखाई देते हैं?
उत्तर
यौवनारंभ के समय लड़कियों में निम्नलिखित मुख्य परिवर्तन दिखाई देते हैं|

वक्ष के भाग में स्तनों का विकास।
रजोधर्म या ऋतुस्राव का प्रारंभ।
आवाज़ पतली हो जाती है।
गुप्तांगों पर बाल उत्पन्न होने लगते हैं।
प्रश्न 4.
माँ के शरीर में गर्भस्थ भ्रूण को पोषण किस प्रकार प्राप्त होता है?
उत्तर
भ्रूण को माँ के रुधिर से ही पोषण मिलता है, इसके लिए एक विशेष संरचना होती है, जिसे प्लेसेंटा कहते हैं। यह एक तश्तरीनुमा संरचना है जो गर्भाशय की भित्ति में धंसी होती है। इसमें भ्रूण की ओर के ऊतक में प्रवर्ध होते हैं। माँ के ऊतकों में रक्तस्थान होते हैं, जो प्रवर्ध को आच्छादित करते हैं। यह माँ से भ्रूण को ग्लूकोज़, ऑक्सीजन एवं अन्य पदार्थों के स्थानांतरण हेतु एक बृहद क्षेत्र प्रदान करते हैं। विकासशील भ्रूण द्वारा अपशिष्ट पदार्थ उत्पन्न होते हैं, जिनका निपटान उन्हें प्लेसेंटा के माध्यम से माँ के रुधिर में स्थानांतरण द्वारा होता है।

प्रश्न 5.
यदि कोई महिला कॉपर-टी का प्रयोग कर रही है तो क्या यह उसकी यौन-संचरित रोगों से रक्षा करेगा?
उत्तर
नहीं। कॉपर-टी का प्रयोग महिला की यौन-संचरित रोगों से रक्षा नहीं करेगा, क्योंकि यह विधि नर तथा मादा के बीच शारीरिक संबंध स्थापित करने में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करती है। केवल गर्भधारण रोकती है।


प्रश्न 4.
अलैगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन के क्या लाभ हैं?
उत्तर

अलैंगिक जनन में प्राप्त संतति, जनक के लगभग समरूप होते हैं, क्योंकि इनमें एक ही जीव के डी०एन०ए० से प्रतिकृति प्राप्त होता है परंतु लैंगिक जनन में दो या दो से अधिक जीव भाग लेते हैं। अत: संयोजन अनोखा होता है तथा भिन्न जीवों से प्राप्त डी०एन०ए० अत्यधिक विभिन्नताओं को बढ़ावा देता है, जो विकास के लिए आवश्यक है।
लैंगिक जनन में नए संयोजन के अवसर उत्पन्न होते हैं, जिससे नई स्पीशीज़ एवं जाति की उत्पत्ति होती है।
प्रश्न 5.
मानव में वृषण के क्या कार्य हैं?
उत्तर
मानव में वृषण के कार्य निम्न हैं
.

शुक्राणु का निर्माण करना।
 टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्राव करना।
प्रश्न 6.
ऋतुस्राव क्यों होता है?
उत्तर
निषेचन नहीं होने की स्थिति में अंडाशय की अंत:भित्ति की मांसल एवं स्पोंजी परत जैसी संरचना की आवश्यकता नहीं रहती, क्योंकि यह अंड के निषेचन होने की अवस्था में उसके पोषण के लिए आवश्यक होता है। अतः यह परत धीरे-धीरे टूटकर योनि मार्ग से रुधिर एवं म्यूकस के रूप में निष्कासित होती है। इस चक्र में लगभग एक मास
का समय लगता है, इसे ऋतुस्राव या रजोधर्म कहते हैं।

प्रश्न 7.
पुष्प की अनुदैर्ध्य काट का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर


प्रश्न 8.
गर्भनिरोधन की विभिन्न विधियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर
गर्भनिरोधन की विधियाँ निम्नलिखित हैं-

यांत्रिक अवरोध (Physical Barrier Method)- ताकि शुक्राणु अंडकोशिका तक न पहुँच सकें। शिश्न को ढकने वाले कंडोम अथवा योनि में रखने वाले अनेक युक्तियाँ; जैसे-लूप अथवा कॉपर-टी (copper-T) को गर्भाशय में स्थापित करना।
हार्मोन संतुलन को परिवर्तन- ये दवाएँ मादा सामान्यतः गोली के रूप में लेती हैं, जिससे हॉर्मोन संतुलन में परिवर्तन हो जाता है तथा अंड का विमोचन ही नहीं होता है। अतः निषेचन नहीं हो पाता है।
शल्य क्रिया तकनीक (Surgical Method)- यदि पुरुष की शुक्रवाहिकाओं को अवरुद्ध कर दिया जाए तो शुक्राणुओं का स्थानांतरण रुक जाएगा। यदि मादा की अंडवाहिनी अथवा फेलोपियन नलिका को अवरुद्ध कर दिया जाए, तो अंड (डिंब) गर्भाशय तक नहीं पहुँच सकेगा। दोनों ही अवस्थाओं में निषेचन नहीं हो पाएगा।
प्रश्न 9.
एक-कोशिक एवं बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति में क्या अंतर है?
उत्तर


प्रश्न 10.
जनन किसी स्पीशीज़ की समष्टि के स्थायित्व में किस प्रकार सहायक है?
उत्तर
अपनी जनन क्षमता के कारण जीवों की समष्टि पारितंत्र में अपना स्थान अथवा निकेत ग्रहण करने में सक्षम होते हैं। जनन के दौरान डी०एन०ए० (DNA) प्रतिकृति का अविरोध जीव की शारीरिक संरचना एवं डिजाइन के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं, जो उसे विशिष्ट निकेत के योग्य बनाती है। अतः किसी प्रजाति (स्पीशीज़) की समष्टि के स्थायित्व का संबंध जनन से है।

प्रश्न 11.
गर्भनिरोधक युक्तियाँ अपनाने के क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर
गर्भनिरोधक युक्तियाँ अपनाने के निम्न कारण हैं

अनचाहे गर्भधारण की संभावना को रोकना।
लैंगिक संचरण द्वारा HIV AIDS, गनोरिया, सिफलिस, मस्सा (Wart) आदि रोगों से बचाव।
बच्चों के बीच उपयुक्त अंतर के लिए।



कक्षा 6,विज्ञान,पाठ 15 ,वायु (Air)








प्रश्न 1.
सही विकल्प छाँटकर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए –
(क) एक खाली गिलास में –
(i) कुछ नहीं है
(ii) वायु भरी है (✓)
(iii) केवल ऑक्सीजन गैस भरी है।
(iv) केवल कार्बन डाइऑक्साइड भरी है।

(ख) वायु में ऑक्सीजन का प्रतिशत है –
(i) 78%
(ii) 21% (✓)
(iii) 0.7%
(iv) 0.3%

(ग) वायुदाब आरोपित करती है –
(i) केवल ऊपर की दिशा में
(ii) केवल नीचे की दिशा में
(iii) चारों दिशाओं में (✓)
(iv) किसी दिशा में नहीं

(घ) पेड़-पौधे प्रकाश संश्लेषण में उपयोग करते हैं –
(i) ऑक्सीजन गैस को
(ii) कार्बन डाइऑक्साइड (✓)
(iii) नाइट्रोजन गैस का
(iv) ओजोन गैस का

Question 1.

Write in your exercise book by choosing the correct option –

(a) in an empty glass –

(i) nothing

(ii) the air is full (e)

(iii) Only oxygen gas is filled.

(iv) Only carbon dioxide is filled.


(b) The percentage of oxygen in the air is –

(i) 78%

(ii) 21% (e)

(iii) 0.7%

(iv) 0.3%


(c) air pressure exerts –

(i) in the upward direction only

(ii) only in the downward direction

(iii) in all four directions (e)

(iv) not in any direction


(d) Plants use in photosynthesis –

(i) oxygen gas

(ii) carbon dioxide (e)

(iii) nitrogen gas

(iv) ozone gas

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
उत्तर:
(क) वायु स्थान घेरती है तथा उसमें भार होता है।
(ख) वायु में 21% भाग ऑक्सीजन है।
(ग) वायुमण्डल में ओजोन की परत सूर्य के हानिकारक प्रकाश को पृथ्वी पर पहुँचने से रोकती है।
(घ) जीवित प्राणी श्वसन क्रिया में ऑक्सीजन गैस लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड निकालते हैं।

Question 2.

Fill in the blanks –

answer:

(a) Air occupies space and carries weight.

(b) Air contains 21% oxygen.

(c) The ozone layer in the atmosphere prevents the harmful light of the sun from reaching the earth.

(d) Living organisms take in oxygen gas and exhale carbon dioxide during respiration.

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में सही कथन के आगे सही (✓) तथा गलत के आगे क्रास (✗) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर) –
उत्तर:
(क) पृथ्वी को घेरने वाली वायु की परतें वायुमण्डल कहलाती हैं।                                     (✓)
(ख) हरे पेड़-पौधे, प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं।        (✓)
(ग) पर्वतारोही ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए सिलेण्डर लेकर चढ़ते हैं।            (✓)
(घ) बीजों के प्रकीर्णन क्रिया में वायु का कोई उपयोग नहीं होता है।           (✗)


प्रश्न 4.-वायु के गुण लिखिए।

उत्तर:

1.वायु रंगहीन, गंधहीन एवं स्वादहीन होती है।

2.वायु स्थान घेरती है।

3.वायु में भार होता है।

4.वायु दाब डालती है।

प्रश्न 5.

ओजोन क्षरण किस कारण होता है?
उत्तर:
बढ़ते प्रदूषण के कारण ओजोन परत की मोटाई कम हो गयी है। ओजोन परत के इस क्षरण को प्रायः ओजोन-होल या ओजोन-छिद्र के नाम से जाना जाता है। ओजोन छिद्र के कारण पृथ्वी पर रहने वाले जीवों और पेड़-पौधों के जीवन के लिए संकट उत्पन्न हो गया। ओजोन छिद्र का मुख्य कारण रेफ्रीजरेटर तथा एयर कण्डीशनर से उत्पन्न होने वाली क्लोरोफ्लोरो (CFC) कार्बन गैस है।





 

Monday, June 21, 2021

class 6,SCIENCE Chapter 5 तन्तु से वस्त्र तक


 








प्रश्न1

सही विकल्प को छाँटकर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए (लिखकर) –

(क) ऊन प्राप्त नहीं होते हैं-
(i) भेड़ के बाल से
(ii) ऊँट के बाल से
(iii) याक के बाल से
(iv) लंगूर के बाल से (✓)

(ख) कृत्रिम रेशा है-
(i) रूई
(ii) जूट
(iii) नायलॉन (✓)
(iv) फ्लैक्स

(ग) कपास द्वारा निर्मित्त सामग्री है-
(i) डलिया
(ii) कागज (✓)
(iii) रस्सी
(iv) बोरा

(घ) एकल धागे से वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया कहलाती है-
(i) रेटिंग
(ii) कताई
(iii) बुनाई
(iv) बंधाई (✓)

Question 1.

Write (by writing) the correct option in your exercise book.
(a) Wool is not obtained by-
(i) Sheep hair
(ii) camel hair
(iii) from the hair of the yak
(iv) from the hair of the langur (✓)
(b) artificial fiber is- (i) cotton (ii) Jute (iii) Nylon (✓) (iv) Flax (c) The material made by cotton is- (i) porridge (ii) paper (
✓)
(iii) rope
(iv) sack

(d) The process of making cloth from a single thread is called-
(i) Rating
(ii) spinning
(iii) Weaving
(iv) tied (✓)

प्रश्न 2.

निम्नलिखित कथनों में सही के सामने (✓) तथा गलत के सामने (✗) का चिहुन लगाइए-
उत्तर:
(अ) धागों की बुनाई और बंधाई से वस्त्र बनाए जाते हैं।      (✓)
(ब) तंतु धागों से मिलकर बनते हैं।        (✗)
(स) जूट प्राप्त करने के लिए पटसन की फसल को पुष्पन अवस्था में काटते हैं।      (✓)
(द) रेशम रेशम कीट के कोकूने से रेशम का धागा प्राप्त किया जाता है।       (✓)
(य) कपास की खेती के लिए बलुई मिट्टी उपयुक्त होती है।      (✗)

Question 2.
Tick ​​(✓) against the correct and (✗) against the wrong in the following statements-
answer:
a) Textiles are made by weaving and tying threads. (e)
(b) Fibers are made up of threads. (e)
(c) Jute crop is harvested at flowering stage to obtain jute. (e)
(d) Silk thread is obtained from the cocoon of silk silkworm. (e)
(e) Sandy soil is suitable for cotton cultivation. (e)
प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
उत्तर:
(अ) पादप रेशे कपास और जूट हैं।
(ब) ऊन और रेशम जन्तु रेशे हैं।
(स) कपास के बीज से तेल प्राप्त किया जाता है।
(द) पटसन के तने से जूट के रेशे प्राप्त किए जाते हैं।
Question 3.
Fill in the blanks-
answer:
(a) Plant fibers are cotton and jute.
(b) Wool and silk are animal fibers.
(c) Oil is obtained from cotton seeds.
(d) Jute fiber is obtained from the stem of jute.
प्रश्न 4.
निम्नलिखित के सही जोड़े बनाइए-
उत्तर:


प्रश्न 5.
निम्नलिखित रेशों को पादप, जन्तु तथा संश्लेषित रेशों में बाँटिए-
( नायलॉन, जूट, ऊन, खई, रेशम, फ्लैक्स, पॉलिएस्टर
उत्तर:
पादप रेशा – जूट, फ्लैक्स, रूई।
जन्तु रेशा – ऊन, रेशम ।
संश्लेषित रेशा – नायलॉन, पॉलिएस्टर
Question 5.
Divide the following fibers into plant, animal and synthetic fibers.
( Nylon, Jute, Wool, Gap, Silk, Flax, Polyester
answer:
Plant fibers- jute, flax, cotton.
Animal Fiber – Wool, silk.
Synthetic Fiber – Nylon, Polyester
प्रश्न 6.
रूई तथा जूट पादप के किन भागों से प्राप्त होते हैं?
उत्तर:
रूई (कपास) एक पादप रेशा है जिसे कपास पौधे के बीज (बिनौलों) से प्राप्त किया जाता है जबकि जूट एक पादप रेशा है जिसे पटसन पौधे (सनई) के तने से प्राप्त किया जाता है
Question 6.
From which parts of the plant are cotton and jute obtained?
answer:
Cotton is a plant fiber obtained from the seeds (cottonseeds) of the cotton plant whereas jute is a plant fiber obtained from the stem of the jute plant (San
प्रश्न 7.
पटसन के तने से जूट के रेशे को किस प्रकार पृथक किया जाता है?
उत्तर:
फसल की कटाई के पश्चात पटसन पादपों की शाखाओं व पत्तियों की सफाई करके तने को बंडलों में बाँधकर तालाब अथवा किसी स्थान पर रुके हुए जल में डुबोकर रखते हैं। 4-5 दिनों के बाद पौधों के मुलायम भाग गल जाते हैं और रेशे स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। यह क्रिया जल में पाये जाने वाले जीवाणुओं द्वारा होती है। यह प्रक्रिया पटसन की रेटिंग कहलाती है। गले हुए पटसन के तने को हाथों से झटका देकर पीटा जाता है। तत्पश्चातू जूट के तंतुओं को खींचकर निकाला जाता है।
Question 7.
How is the jute fiber removed from the stem of jute?
After harvesting the jute plants, after cleaning the branches and leaves, tie the stems in bundles and keep them immersed in stagnant water in the pond or any place. After 4-5 days the soft parts of the plants wilt and the fibers become clearly visible. This action is done by the bacteria found in the water. This process is called jute rating. The rotted jute stem is beaten by blowing it with the hands. The jute fibers are then pulled out.

प्रश्न 8.
रेशों से धागा बनाते समय इसकी कताई करना क्यों आवश्यक होता है?
उत्तर:
कताई से रेशों की मजबूती बढ़ती है और उसे रील पर लपेटना संभव हो पाता है। इसी कारण रेखों से, धागा बनाते समय इसकी कताई करना आवश्यक है।

Question 8.
Why is it necessary to spin it while making yarn from fibers?
answer:
Spinning increases the strength of the fibers and makes it possible to wrap them on the reel. That is why it is necessary to spin it while making a thread with lines.

प्रश्न 9.
कपास से सूती वस्त्र बनाने में प्रयुक्त प्रक्रमों को क्रम में लिखिए?
उत्तर:
तंतु/रेशा  →  धागा  →  कपड़ा  →  वस्त्र
तंतु या रेशों की कताई कर धागा बनाया जाता है। धागों की बुनाई कर कपड़ा बनाया जाता है। कपड़ों को सिलकर वस्त्र तैयार होता है।


Question 9.
Write in sequence the processes used in making cotton cloth from cotton?
answer:
Fiber → Thread → Fabric → Fabric
Thread is made by spinning the fiber or fibers. Fabric is made by weaving threads. Clothing is made by sewing clothes.

प्रश्न 10.

कपास तथा जूट के रेशों के दो-दो उपयोग लिखिए?

उत्तर:

कपास के उपयोग –

कपास की रूई का उपयोग कर सूती कपड़े, चादर, पर्दे बनाने में किया जाता है।

कपास से विभिन्न प्रकार के कागज बनाए जाते हैं।

जूट के उपयोग-

जूट का उपयोग रस्सी, डलिया, बोरा, टाट-पटूटी, दरी आदि बनाने में किया जाता है।

आजकल जूट से बनी सजावट की अनेक सामग्री भी मिलती है।

Question 10.
Write two uses each of cotton and jute fibers?
answer:
Uses of cotton
Cotton cotton is used to make cotton clothes, sheets, curtains.
Various types of paper are made from cotton.
Uses of Jute-
Jute is used for making ropes, nuggets, sacks, sackcloth, rugs, etc.
Nowadays many decoration materials made of jute are also available.