गोलीय लेंस- (Spherical lens)] से संबधित महत्वपूर्ण पद
वक्रता केन्द्र (Centre of Curvature)-एक गोलीय लेन्स दो गोले के सतह के जुड़ने से बनता है, अत: उन दो गोलों के केन्द्र उनसे बने लेंस का वक्रता केन्द्र होता है या कहलाता है।
चूँकि एक लेंस दो गोलों के भागों को मिलाने से बनता है, अत: एक लेंस के दो वक्रता केन्द्र होते है।
एक लेंस (lens)के वक्रता केन्द्रों को क्रमश: C1
तथा C2से निरूपित किया जाता है।
प्रकाशिक केन्द्र (Optical Centre)-लेंस का केन्द्रीय बिन्दु इसका प्रकाशिक केन्द्र (Optical center) कहलाता है। प्रकाशिक केन्द्र (Optical Centre) को प्राय: अंगरेजी के
Oअक्षर से निरूपित किया जाता है।
मुख्य अक्ष (Principal axis)-लेंस (Lens)के वक्रता केन्द्रों से गुजरने वाली सीधी काल्पनिक रेखा लेंस का मुख्य अक्ष कहलाती है।
मुख्य फोकस (Principal Focus)-अनंत से आने वाली प्रकाश की किरणें, जो कि मुख्य अक्ष के समानांतर होती हैं, उत्तल लेंस (Lens) से अपवर्तन के पश्चात जिस बिन्दु पर अभिसरित होती है या अवतल लेंस के जिस बिन्दु से अपसरित होती है, उस बिन्दु को लेंस (Lens)का मुख्य फोकस कहते हैं।
किसी भी लेंस(Lens) का दो मुख्य फोकस होता है, जो कि लेंस के दोनों तरफ होता है।
लेंस के मुख्य फोकस को अंगरेजी के अक्षर F1
तथा F2 से निरूपित किया जाता है।
फोकस दूरी (Focal Length) f -लेंस के मुख्य फोकस (Principal Focus) तथा प्रकाशिक केन्द्र (Optical center )O के बीच की दूरी को फोकस दूरी (Focal Length) कहते हैं। फोकस दूरी को अंगरेजी के छोटे अक्षर
f से निरूपित किया जाता है।
फोकल दूरी का मान लेंस के वक्रता केन्द्र तथा प्रकाशिक केन्द्र के बीच की दूरी का आधा होता है।
अर्थात C1=2f1अर्थात
f= C/2 (Spherical lens)] से संबधित महत्वपूर्ण पद
अक्षर F1
तथा F2 से निरूपित किया जाता है।
फोकस दूरी (Focal Length) f -लेंस के मुख्य फोकस (Principal Focus) तथा प्रकाशिक केन्द्र (Optical center )O के बीच की दूरी को फोकस दूरी (Focal Length) कहते हैं। फोकस दूरी को अंगरेजी के छोटे अक्षर
f से निरूपित किया जाता है।
फोकल दूरी का मान लेंस के वक्रता केन्द्र तथा प्रकाशिक केन्द्र के बीच की दूरी का आधा होता है।
अर्थात C1=2f1अर्थात
f= C/2
प्रकाश का अपवर्तन ... प्रकाश की किरण की इस विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाने पर अभिलम्ब की ओर तथा सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाने पर अभिलम्ब से दूर मुड़ने की प्रक्रिया को प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light) कहते हैं।
प्रकाश के अपवर्तन के नियम (Laws of Refraction of Light)
(i) आपतित किरण (incident ray), अपवर्तित किरण (refractive ray) तथा दोनों माध्यमों को पृथक करने वाले पृष्ठ के आपतन बिन्दु (point of incidence) पर अभिलम्ब (normal) सभी एक ही तल में होते हैं।
(ii) प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म (pair of medium) के लिये आपतन कोण (angle of incidence) की ज्या (sine) तथा अपवर्तन कोण (angle of refraction) की ज्या (sine) का अनुपात (ratio) स्थिर (constant) होता है
इस नियम को स्नेल का नियम (Snell's Law) भी कहते हैं।
यदि
i
आपतन कोण (angle of incidence) हो तथा
r
अपवर्तन कोण (angle of refraction) हो तब
इस स्थिरांक मान को दूसरे माध्यम का पहले माध्यम के सापेक्ष अपवर्तनांक (refractive index) कहते हैं।
प्रकाश के किरणों का किन्हीं दो माध्यमों के युग्म (pair of two medium) के लिए होने वाले दिशा परिवर्तन के विस्तार को अपवर्तनांक (refractive index) के रूप में व्यक्त किया जाता है।
दूसरे शब्दों में प्रकाश के किरणों का किसी दो माध्यम के युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या तथा अवर्तन कोण की ज्या का अनुपात अपवर्तनांक कहलाता है।
अपवर्तनांक तथा प्रकाश की गति
अपवर्तनांक का मान किसी दो माध्यम के युग्म में प्रकाश की सापेक्ष गति को दिखलाता है। प्रकाश की गति अलग अलग माध्यम में अलग अलग होती है। निर्वात (vacuum) में प्रकाश की गति
3×108 m/sp
है, जो कि अधिकतम है तथा हवा में प्रकाश की गति निर्वात में प्रकाश की गति से थोड़ा कम है।
प्रकाश की गति अपेक्षाकृत सघन माध्यम (denser medium) में विरल माध्यम (rare medium) के कम होती है।
किसी एक माध्यम के सापेक्ष दूसरे माध्यम में प्रकाश का अपवर्तनांक
माना कि प्रकाश माध्यम 1 से दूसरे माध्यम 2 में प्रवेश करता है।
माना कि माध्यम 1 में प्रकाश की गति,
v
1
है।
माना कि माध्यम 2 में प्रकाश की गति,
v
2
है।
अत: माध्यम 2 का माध्यम 1 के सापेक्ष अपवर्तनांक को माध्यम 1 में प्रकाश की गति तथा माध्यम 2 में प्रकाश की गति के अनुपात में व्यक्त किया जाता है।
इसे प्राय:
n
21
द्वारा व्यक्त किया जाता है।
Refractive Index of Light for given pair of medium
refraction of light through glass
Refraction of light through glass
माध्यम 1 का माध्यम 2 के सापेक्ष अपवर्तनांक
मान लिया कि प्रकाश माध्यम 2 से माध्यम 1 में जाता है।
मान लिया कि माध्यम 1 में प्रकाश की गति,
v1है।
तथा माध्यम 2 में प्रकाश की गति,
v2 है
अत: माध्यम 1 का माध्यम 2 की अपेक्षा अपवर्तनांक को माध्यम 2 में प्रकाश की गति तथा माध्यम 1 में प्रकाश की गति के अनुपात में दर्शाया जाता है।
इसे प्राय: n दर्शाया जाता है।
प्रश्न 1.
अवतल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।
उत्तर
अवतल दर्पण के मुख्य अक्ष के समांतर आपतित सभी किरणें परावर्तित होकर मुख्य अक्ष के एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं। यह बिंदु अवतल दर्पण का मुख्य फोकस कहलाता है।
प्रश्न 2.
एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20cm है। इसकी फोकस दूरी क्या होगी?
उत्तर
प्रश्न 3.
उस दर्पण का नाम बताइए जो बिंब का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिंब बना सके।
उत्तर
अवतल दर्पण (concave mirror)।
प्रश्न 4.
हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता क्यों देते हैं?
उत्तर
वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता निम्न कारणों से देते हैं
यह सदैव सीधा एवं छोटा प्रतिबिंब बनाते हैं।
इनका दृष्टि-क्षेत्र बहुत अधिक होता है क्योंकि ये बाहर की ओर वक्रित होते हैं। अतः समतल दर्पण की तुलना में उत्तल दर्पण ड्राइवर को अपने पीछे के बहुत बड़े क्षेत्र को देखने में सक्षम बना
प्रश्न 1.
उस उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी वक्रता-त्रिज्या 32cm है।
अतः उत्तल दर्पण की फोकस दूरी 16cm होगी।
प्रश्न 2.
कोई अवतल दर्पण अपने सामने 10cm दूरी पर रखे किसी बिंब का तीन गुणा आवर्धित (बड़ा) वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब दर्पण से कितनी दूरी पर है?
उत्तर![]()

अतः प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30cm की दूरी पर बनता ह
प्रश्न 1.
वायु में गमन करती प्रकाश की एक किरण जल में तिरछी प्रवेश करती है। क्या प्रकाश किरण अभिलंब is की ओर झुकेगी अथवा अभिलंब से दूर हटेगी? बताइए क्यों?
उत्तर
प्रकाश की किरण जब वायु से जल में गमन करती है तो यह अभिलंब की ओर झुकेगी, क्योंकि जल, वायु की तुलना में सघन माध्यम है। अर्थात् प्रकाश की किरणें विरल से सघन माध्यम में प्रवेश करने पर अभिलंब की ओर झुकेगी।
प्रश्न 2.
प्रकाश वायु से 1.50 अपवर्तनांक की काँच की प्लेट में प्रवेश करता है। काँच में प्रकाश की चाल कितनी है? निर्वात में प्रकाश की चाल 3 x 108 m/s है।
उत्तर
उत्तर
दिया है-
अतः काँच में प्रकाश की चाल = 2 x 108 m/s
प्रश्न 3.
सारणी 10.3 (NCERT पृष्ठ सं० 193) से अधिकतम प्रकाशिक घनत्व के माध्यम को ज्ञात कीजिए। न्यूनतम प्रकाशिक घनत्व के माध्यम को भी ज्ञात कीजिए।
उत्तर
दिए गए सारणी 10.3 के अवलोकन से पता चलता है कि अधिकतम प्रकाशिक घनत्व का माध्यम हीरा है जिसका अपवर्तनांक
(n) = 2.42 है। तथा न्यूनतम प्रकाशिक घनत्व का माध्यम वायु है, जिसका अपवर्तनांक (n) = 1.0003 है।
प्रश्न 4.
आपको केरोसिन, तारपीन का तेल तथा जल दिए गए हैं। इनमें से किसमें प्रकाश सबसे अधिक तीव्र गति से चलती | है? सारणी 10.3 (NCERT पृष्ठ सं० 193) में दिए गए आँकड़ों का उपयोग कीजिए।
उत्तर
पाठ्यपुस्तक में दी गई सारणी 10.3 से दिए गए पदार्थों के अपवर्तनांक निम्न हैं-
प्रश्न 5.
हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है?
उत्तर

अतः हीरे में प्रकाश की चाल न्यूनतम है, क्योंकि इसका अपवर्तनांक अधिकतम है। हीरे में प्रकाश की चाल वायु (निर्वात) में प्रकाश की चाल का वाँ भाग है
प्रश्न 1.
किसी लेंस की 1 डाइऑप्टर क्षमता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर
1 डाइऑप्टर उस लेंस की क्षमता है, जिसकी फोकस दूरी 1 मीटर हो। अर्थात् 1D =1m-1 होती है।
प्रश्न 2.
कोई उत्तल लेंस, किसी सुई का वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिंब उस लेंस से 50cm दूर बनता है। यह सुई, उत्तल लेंस के सामने कहाँ रखी है, यदि इसका प्रतिबिंब उसी साइज़ का बन रहा है, जिस साइज़ का बिंब है। लेंस की क्षमता भी ज्ञात कीजिए।
उत्तर
चूँकि उत्तल लेंस द्वारा सुई का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब लेंस से 50cm दूर बनता है। इसलिए,
प्रश्न 3.
2m फोकस दूरी वाले किसी अवतल लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए।
उत्तर
प्रश्न 1.
निम्न में से कौन-सा पदार्थ लेंस बनाने के लिए प्रयुक्त नहीं किया जा सकता है?
(a) जल
(b) काँच
(c) प्लास्टिक
(d) मिट्टी
उत्तर
(d) मिट्टी।
प्रश्न 2.
किसी बिंब का अवतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा बिंब से बड़ा पाया गया। वस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए?
(a) मुख्य फोकस तथा वक्रता केंद्र के बीच
(b) वक्रता केंद्र पर
(c) वक्रता केंद्र से परे
(d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच
उत्तर
(d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच।
प्रश्न 3.
किसी बिंब का वास्तविक तथा समान साइज़ का प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए बिंब को उत्तल लेंस के सामने कहाँ रखें?
(a) लेंस के मुख्य फोकस पर
(b) फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर
(c) अनंत पर ।
(d) लेंस के प्रकाशिक केंद्र तथा मुख्य फोकस के बीच
उत्तर
(b) फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर।
प्रश्न 4.
किसी गोलीय दर्पण तथा किसी पतले गोलीय लेंस दोनों की फोकस दूरियाँ -15cm हैं। दर्पण तथा लेंस संभवतः हैं
(a) दोनों अवतल
(b) दोनों उत्तल
(c) दर्पण अवतल तथा लेंस उत्तल
(d) दर्पण उत्तल तथा लेंस अवतल
उत्तर
(d) दोनों अवतल।
प्रश्न 5.
किसी दर्पण से आप चाहे कितनी ही दूरी पर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब सदैव सीधा प्रतीत होता है। संभवतः दर्पण है
(a) केवल समतल
(b) केवल अवतल
(c) केवल उत्तल ।
(d) या तो समतल अथवा उत्तल
उत्तर
(d) या तो समतल अथवा उत्तल।
प्रश्न 6.
किसी शब्दकोश (dictionary) में पाए गए छोटे अक्षरों को पढ़ते समय आप निम्न में से कौन-सा लेंस पसंद करेंगे?
(a) 50cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(b) 50cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
(c) 5cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(d) 5cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
उत्तर
(c) 5cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस।।
प्रश्न 7.
15cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण का उपयोग करके हम किसी बिंब का सीधा प्रतिबिंब बनाना चाहते हैं। बिंब का दर्पण से दूरी को परिसर (range) क्या होना चाहिए? प्रतिबिंब की प्रकृति कैसी है? प्रतिबिंब बिंब से बड़ा है अथवा छोटा? इस स्थिति में प्रतिबिंब बनने का एक किरण आरेख बनाइए।
उत्तर
बिंब का दर्पण से दूरी का परिसर 0 cm से 15cm के बीच होना चाहिए, क्योंकि जब बिंब दर्पण के ध्रुव P तथा मुख्य फोकस F के बीच स्थित होता है, तभी उसका सीधा प्रतिबिंब बनता है।
किरण आरेख-
प्रतिबिंब की प्रकृति- आभासी तथा सीधा, प्रतिबिंब का साइज़ बिंब से बड़ा है।
प्रश्न 8.
निम्न स्थितियों में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए
(a) किसी कार का अग्र-दीप (हैड-लाइट)
(b) किसी वाहन का पाश्र्व/पश्च दृश्य दर्पण
(c) सौर भट्टी
अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए।
उत्तर




















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