भूमि,उर्जा,जल बचाओ

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हम और हमारा वातावरण

Saturday, April 25, 2020

कक्षा 8 पाठ1 फसल ,मृदा,फसल प्रबन्धन

कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि मिट्टी की अच्छी सेहत के लिए 16 तत्वों की आवश्यकता होती है। कार्बन C, हाइड्रोजन H, आक्सीजन O वातावरण और जल से मिलते हैं, जबकि नाइट्रोजन N, फास्फोरस P, पोटाशK, कैल्शियमCa, मैग्नीशियम Mg, सल्फर S, जिंक Zn, आयरन I, बोरान, मैग्नीज Mn, कापर Cu, मालीबेडनम Mo और क्लोरीन Cl अन्य स्रोतों से पूरा किया जाता है।
मिट्टी में, कार्बनिक पदार्थ में पौधे और पशु सामग्री होती है जो विघटित होने की प्रक्रिया में होती है।
मुख्य पोषक तत्व- नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश। गौण पोषक तत्व- कैल्सियम, मैग्नीशियम एवं गन्धक। सूक्ष्म पोषक तत्व- लोहा, जिंक, कापर, मैग्नीज, मालिब्डेनम, बोरान एवं क्लोरीन। नाइट्रोजन , फस्फोरस एवं पोटैशियम को पौधे मिट्टी से प्राप्त क
है।
एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट एंड कॉलेज की स्थापना के पश्चात डॉ. जे. ... लैदर को भारत में मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायनविज्ञान का जनक कहा जा सकता
न्यून मात्रा में रहनेवाले तत्त्व संपादित करें
(१) लौह, (२) गंधक, (३) सिलिका, (४) क्लोरीन (५) मैंगनीज, (६) जस्ता, (७) निकल, (८) कोबल्ट (९) मोलिब्डेनम, (१०) ताम्र, (११) बोरन तथा (१२) सैलिनियम हैं।

नाइट्रोजन मिट्टी में कार्बनिक और अकार्बनिक दोनों रूपों में रहता है, अकार्बनिक रूप में नाइट्रेट और अमोनिया के रूप में। कार्बनिक पदार्थो के सड़ने से अमोनिया बनता है। अमोनिया पर जीवाणुओं की क्रिया से पहले नाइट्राइट और पीछे नाइट्रेट बनते हैं। जीवाणुओं से एंजाइम बनते है, जो मिट्टी को अपघटित करते रहते हैं। फॉस्फेट ऐपेटाइट से आता है। यह पौधों के फूल और फल के लिये लाभदायक होता है। पोटैशियम सल्फेट और कार्बोनेट के रूप में मिट्टी में रहता है तथा पौधों की रासायनिक क्रिया में सहायक होता है। इससे पौधों के पत्ते स्वस्थ रहते हैं और प्रोटीन और शर्करा की मात्रा बढ़ती है। कैल्सियम मिट्टी में, फॉस्फेट, कार्बोनेट और सल्फेट के रूप में रहता है। इससे पौधों के तने मजबूत होते हैं। यह मिट्टी की अम्लता को कम करता है और उससे पौधों को लाभ पहुँचता है। मैग्नीशियम कार्बोनेट के रूप में मिट्टी में रहता है। यह पौधों में क्लोरोफिल के बनाने में सहायता पहुँचाता है। कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ और जल द्वारा प्राप्त होते हैं। पौधे मिट्टी से ये तत्व कार्बोनेट के रूप में पाते हैं, लेकिन अधिकांश कार्बन पौधों को वायु द्वारा प्राप्त होता है। पौधे हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को मिट्टीश् से जल के रूप में प्राप्त करते है। सोडियम क्षारीय तत्व है और मिट्टी में सल्फेट तथा कार्बोनेट के रूप में पाया जाता है।

न्यून तत्वों में लौह अत्यंत आवश्यक है। यह मिट्टी में ऑक्साइड के रूप में रहता है और क्लोरोफिल के बनने में सहायता पहुँचाता है। गंधक मिट्टी में सल्फेट के रूप में रहता है। यह पौधों में प्रोटीन को बढ़ाता है। क्लोरीन मिट्टी में कैल्सियम, मैग्नीशियम और सोडियम क्लोराइड के रूप में पाया जाता है। यह तत्व पौधों के पत्तों को बढ़ाता और मोटा करता है। अन्य तत्व पौधों की क्रियाओं को संतुलित रखकर फूलों और फलों के बनने में सहायक होते हैं।

यदि मिट्टी में हाइड्रोजन आयनों(H+)की मात्रा अधिक होगी तो मिट्टी अम्लीय होगी |
यदि मिट्टी में पोटैशियम और सोडियम के ऋणायनों की मात्रा अधिक होगी तो मिट्टी क्षारीय होगी |

PH का मान 7.0 उदासीन मृदा
PH का मान 7.0 से कम अम्लीय मृदा
PH का मान 7.0 से अधिक क्षारीय मृदा

पौधों की वृद्धि के लिए मिट्टी का PH मान 6.0 से 7.5 के मध्य होना चाहिए |
यदि मिट्टी अम्लीय है तो खेतों में चूने का प्रयोग करना चाहिए और यदि मिट्टी क्षारीय है, तो खेतों में जिप्सम (कैल्शियम सल्फेट) का प्रयोग करना चाहिए |









 बादल आओ जल बरसाओ
भूमि पूछे तुम नभ पर ,घन आते क्यों हो
 बूंद नही जब बरसानी,तब छाते क्यों हो

भूमि  प्यासी  जल  चाहे , मेघो  को देखे
पूछ  लो  आकर  पोधो, मुरझाते क्यों हो

फूल ने  भी हसरत  से , ऊपर  को देखा
खूब  पानी  बरसाओ , अलसाते क्यों हो

चाहते  धान  उगायें ,पर बो ना पाये
है किसानो घर सूखा,तड़पाते क्यों हो

ताल,तालाबो,घाटो पर प्यासे खग हैं
जोर से बरसो ,थोड़ा ,बरसाते क्यों हो

हाथ  बंधे  सबके  हैं , करते   हैं  विनती
कष्ट को और,बिना जल,बढ़वाते क्यों हो
                           शालिनी शर्मा

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