डेंगू बुख़ार एक संक्रमण है जो डेंगू वायरस के कारण होता है। डेंगू का इलाज समय पर करना बहुत जरुरी होता हैं. मच्छर डेंगू वायरस को संचरित करते (या फैलाते) हैं। डेंगू बुख़ार को "हड्डीतोड़ बुख़ार" के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इससे पीड़ित लोगों को इतना अधिक दर्द हो सकता है कि जैसे उनकी हड्डियां टूट गयी हों। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुखार; सिरदर्द; त्वचा पर चेचक जैसे लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द शामिल हैं। कुछ लोगों में, डेंगू बुख़ार एक या दो ऐसे रूपों में हो सकता है जो जीवन के लिये खतरा हो सकते हैं। पहला, डेंगू रक्तस्रावी बुख़ार है, जिसके कारण रक्त वाहिकाओं (रक्त ले जाने वाली नलिकाएं), में रक्तस्राव या रिसाव होता है तथा रक्त प्लेटलेट्स (जिनके कारण रक्त जमता है) का स्तर कम होता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, जिससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप होता है।
/्््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््एईएस-एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम
चमकी बुखार
जिससे बुखार से बिहार में सैकड़ो बच्चो की मौत हुई
आपको इससे बचने के लिए गन्दे पानी को नही पीना है
अधिकतर बच्चों की मौतें हाइपोग्लाइसीमिया या लो ब्लड शुगर के कारण हुई हैं
इस बुखार में बच्चो में शुगर और सोड़ियम कम हो जाता है
गर्मी में तेज धूप और पसीना बहने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है. इस वजह से डिहाइड्रेशन, लो ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, थकान, लकवा, मिर्गी, भूख में कमी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं. चमकी बुखार के लक्षण भी ऐसे ही हैं.
यह बीमारी शरीर के मुख्य नर्वस सिस्टम या तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है. बहुत ज्यादा गर्मी एवं नमी के मौसम में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के फैलने की रफ्तार बढ़ जाती है. इस मौसम में इसकी तीव्रता भी काफी बढ़ जाती है, धूप से बचना है,हाथ अच्छे से धोने हैं


























No comments:
Post a Comment